पर्यावरण संरक्षण दिवस
पर्यावरण संरक्षण दिवस
वैसे तो यह दिवस 5 जून को मनाया जाता है।
पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, परि और आवरण। परी का मतलब आसपास या चारों ओर, और आवरण का मतलब जो चारों ओर से घिरे हुए हैं।
इस दिवस की शुरुआत 5 जून 1972 को एक सम्मेलन के रूप में हुई, लेकिन 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मानव में जागरूकता पैदा करना जरूरी है। अधिक से अधिक वृक्ष लगाए। धरती मां का आवरण बचाएं। हमने ही पेड़ काटकर अपनी निजी सुख की खातिर यह विकट स्थिति पैदा कर दी है। कहीं भूकंप तो कहीं बाढ़। हर वस्तु प्रदूषित है। इसी जागरूकता अभियान को शुरू करने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। हम सबको निश्चय करना होगा कि सभी वृक्ष जरुर लगाएं।
पर्यावरण जलवायु स्वच्छता प्रदूषण तथा वृक्ष का सभी को मिलाकर बनता है और यह सभी चीज यानी कि पर्यावरण हमारे दैनिक जीवन में सीधा संबंध रखता है और उसे प्रभावित करता है। मनुष्य और पर्यावरण एक दूसरे पर निर्भर होते हैं। पर्यावरण जैसे जलवायु प्रदूषण या वर्षों का काम होना मानव शरीर और स्वास्थ्य पर पूरा असर डालता है।
पेड़ पौधे वृक्ष बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस ग्रह पर सबसे बड़े पौधों के रूप में हमें ऑक्सीजन देते हैं, कार्बन का भंडारण करते हैं मिट्टी को स्थिर रखते हैं और दुनिया के वन्य जीवन को जीवन देते हैं यह हमें उपकरण और आश्रय के लिए सामग्री ही प्रदान करते हैं। पेड़ न केवल जीवन के लिए आवश्यक है बल्कि पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली
प्रजाति के रूप में हमें अतीत वर्तमान और भविष्य के बीच संबंध प्रदान करते हैं।
पेड़ पौधे पर्यावरण को लाभ पहुंचाते हैं।
जैसे-जैसे पेड़ बढ़ते हैं वह कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोधित करते हैं और जो कार्बन या अपनी लकड़ी में जमा करते हैं वह ग्लोबल वार्मिंग की दर को धीमा करने में मदद करता है।
यह हवा की गति को कम करते हैं और हवा को ठंडा करते हैं क्योंकि वे नमी को देते हैं और अपनी पत्तियों से गर्मी को ऊपर की ओर परिवर्तित करते हैं। पेड़ किसी शहर के तापमान को 7 डिग्री सेल्सियस तक काम कर सकते हैं। पेड़ हजारों लीटर तूफानी पानी को शुद्ध कर बाढ़ और मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करते हैं।
पेड़ों की छतरियां एक भौतिक फिल्टर के रूप में कार्य करती हैं। वे मिट्टी को रोकते हैं और हवा के प्रदूषण को अवशोधित करती है यानी की शुद्ध करती हैं। छाया प्रदान करती हैं।
शोध से पता चलता है कि पेड़ों और हरे भरे स्थानों से घिरे रहने के कुछ ही मिनट के भीतर आपका रक्तचाप कम हो जाता है आप ही हृदय गति धीमी हो जाती है और आपके तनाव का स्तर भी कम हो जाता है। एक उदाहरण से पता चलता कि (बर्च) की छाल से तेल बनाते हैं उसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं।
पेड़ अर्थव्यवस्था को बढ़ाते हैं।
लोग हरे भरे परिवेश में रहने काम करने और निवेश करने के लिए आकर्षित होते हैं। शोध से पता चलता है कि जब संपत्ति परिपक्व पेड़ों के करीब होती है तो घर की औसत कीमत अधिक होती है। यदि आसपास पार्क और पेड़ हो तो कंपनियों को स्वस्थ खुशहाल कार्यबल में लाभ मिलता है।
पेड़ भविष्य की रक्षा भी करते हैं।
इतिहास में पहली बार शहरों में घर रखने वाले लोगों की संख्या ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों से अधिक हो जाएगी। पार्क और पेड़ शहरी जीवन का भी अधिक महत्वपूर्ण घटक बन जाएंगे हमें इनका सम्मान करना चाहिए और भविष्य के लिए इनकी रक्षा करनी चाहिए और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। तभी हम सब का जीवन सुरक्षित है। बढ़ती हुई गर्मी को तभी राहत मिलेगी।
गीता ठाकुर दिल्ली से
प्रतियोगिता हेतु
आज स्वेच्छिक है
Anjali korde
12-Jun-2024 09:27 AM
V nice
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RISHITA
04-Jun-2024 08:57 AM
V nice
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